Independence Day: लाल किले की प्राचीर से PM नरेंद्र मोदी ने पेश की ‘सबल भारत की बुलंद तस्‍वीर’

नई दिल्ली : “हम मक्‍खन पर लकीर खींचने वाले लोग नहीं हैं, हम पत्‍थर पर लकीर खींचने वाले लोग हैं…” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से यह कहकर अपने चट्टानी इरादों को जता दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक सोया हुआ हाथी है, जो अब जाग गया है, चल पड़ा है. दुनिया विश्‍वास और भरोसे के साथ भारत की ओर देख रही है. दुनिया को भरोसा है कि भारत विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था की अगुवाई करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में चल रही कई योजनाओं का भी ज़िक्र किया और कहा कि इन योजनाओं ने देश की तस्‍वीर बदलकर रख दी है.

उन्होंने कहा कि गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी GST ने आर्थिक व्‍यवस्‍था को मज़बूती दी, वहीं आयकरदाताओं की संख्‍या लगभग दोगुनी हो गई, जो देश के विकास में अपने योगदान से इसे और मजबूत कर रहे हैं. उन्होंने कहा, GST ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था को नई गति दी, जबकि आयकरदाताओं ने ईमानदारी से कर जमा कर तरक्‍की की राह को आसान कर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत अभियान ने लाखों बच्‍चों को असमय काल-कवलित होने से बचा लिया है. मुद्रा योजना का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के करोड़ों युवा अपनी तकदीर खुद लिख रहे हैं और देश की तरक्‍की में भागीदार बन रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विज्ञानी अंतरिक्ष में धाक जमा रहे हैं, वहीं सेना देश की हिफाज़त में जान की बाज़ी लगाने से भी नहीं चूक रही. सेना ने सर्जिकल स्‍ट्राइक कर जिस तरीके से दुश्‍मनों को सबक सिखाने का काम किया, वह काबिले-तारीफ है. महिलाओं को सशस्‍त्र बल में स्‍थायी कमीशन दिए जाने की घोषणा कर प्रधानमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने ‘सपनों के भारत’ का ज़िक्र भी किया, जिसमें सबके लिए घर, स्‍वास्‍थ्‍य, रोज़गार, पीने का पानी, सब कुछ हो. PM ने विश्‍व की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य योजना को लागू किए जाने की भी घोषणा की और कहा कि इससे अभी 10 करोड़ परिवारों को फायदा होगा, और आने वाले समय में इसका लाभ मध्‍यम वर्ग के लोगों को भी मिलेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से अपने भाषण में सरकार द्वारा पिछले चार सालों में किए गए काम का ब्‍योरा पेश किया और कहा कि देश के विषय में जो नकारात्‍मक धारणा बन गई थी, हमने उसे बदल दिया है. बिचौलियों और भ्रष्‍टाचारियों का सफाया हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में जम्‍मू एवं कश्‍मीर और लद्दाख का भी ज़िक्र किया और कहा कि हम सबका विकास चाहते हैं. उन्‍होंने कहा कि हम गोली और गाली से नहीं, सबको गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं. अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश का ज़िक्र करते हुए कहा कि रेप के एक मामले में यहां काफी तेज़ी से फैसला हुआ और फांसी की सज़ा सुनाई गई. उन्‍होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और समाज को भी सजग होना चाहिए. ज्ञात हो कि राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश में इसी वर्ष चुनाव होने हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसी भी तबके का ज़िक्र करने से नहीं चूके. किसान, अन्य पिछड़े वर्ग (OBC), दलित, युवा, महिलाएं, तीन तलाक, दक्षिण भारत, सेना, कोर्ट, शिक्षा, इंटरनेट, अर्थव्‍यवस्‍था, अंतरिक्ष – यानी ऐसा एक भी क्षेत्र नहीं था, जिसका ज़िक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में न किया हो. अपने मज़बूत इरादों को प्रधानमंत्री ने एक कविता के ज़रिये भी व्‍यक्‍त किया – ‘ज़िद है, एक सूर्य उगाना है, अंबर से ऊंचा जाना है…’ वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने देश के सामने वह सब बता दिया, जो उन्‍होंने अभी तक किया, और वह भी, जो आगे करना है. कुल मिलाकर PM नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ‘सबल भारत की बुलंद तस्‍वीर’ दिखाई है, लेकिन यह आने वाला वक्‍त ही बताएगा कि उनकी दिखाई तस्‍वीर पर देश की जनता यकीन करती है या नहीं.

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